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भारतीय महिला ड्राइवर्स को मिलती हैं यह छूट

भारतीय महिलाओं की ड्राइविंग को कोसते पुरूष हर कहीं मिल जाएंगे, लेकिन पुरूषों की इसी आदत की बदौलत महिलाओं को ड्राइविंग में कुछ अनकही छूट मिली है, आखिर हैं तो वह “अबला नारी” ही ना (पप्पी फेस)। यह आर्टिकल केवल फन के लिए लिखा गया है, बेशक कई बार महिलाओं को ट्रेफिक रूल्स का उल्लंघन करने पर चालान भी कटवाना पड़ता है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें क्या हैं भारतीय महिलाओं के पास ड्राइविंग में सहूलतें –

सड़क पर चलते हुए अचानक से ब्रेक लगा देना या आगे वाली गाड़ी से भिड़ा देने पर लड़कों को जितनी गालियां सुनने को मिलती हैं, महिलाओं के साथ उसका उलटा होता है। ऎसे में या तो सामने वाला यह पूछने आ जाता है “मैडम आपको कहीं लगी तो नहीं” या फिर केवल गुस्से वाला लुक देकर ही रह जाता है, लेकिन गाली नहीं देता। (ऎसा ट्राय न करें, हर बार आपकी किस्मत अच्छी हो यह जरूरी नहीं)

बेशक अगर कोई पुरूष ऎसा करे तो चौराहे पर खड़ा ट्रैफिक पुलिसकर्मी दौड़कर गाड़ी की चाबी निकाल लेगा, लेकिन महिलाओं के मामले में यहां थोड़ी ढील मिल ही जाती है। रेड लाइट जंब करने पर जब ट्रैफिक पुलिसकर्मी उन्हें रोकता है तो वे ज्यादातर सॉरी बोलकर नादान सी स्माइल देते हुए निकल जाती हैं।

बेशक लड़कियां कहीं भी पार्किग लाइट्स ऑन कर साइड में गाड़ी रोक सकती हैं, पर शायद अगर कोई लड़का ऎसा करे तो सबसे पहले तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी ही आकर उससे लाइसेंस दिखाने के लिए कह देगा। सॉरी बॉएज, यह छूट भी केवल लड़कियों के लिए ही है।

बेशक कई महिला ड्राइवर्स टायर पंक्चर हो जाने पर टायर बदलना जानती हैं, लेकिन अगर इस काम को उनके लिए कोई और कर दे तो। वैसे ज्यादातर मौकों पर उनकी मदद के लिए कोई न कोई आ ही जाता है। वहीं लड़कों को मदद का हाथ मिले यह जरूरी नहीं।

बेशक लड़के लड़कियों की पार्किग स्किल्स की आलोचना करते हैं, लेकिन उनका चेहरा तब देखने वाला होता है जब वे थोड़ी सी जगह में गाड़ी पार्क करने की कोशिश कर रहे होते हैं, अरे अपनी नहीं हमारी गाड़ी को। अक्सर लड़कियों के लिए पार्किग बॉय मदद का हाथ बढ़ा ही देता है, लेकिन लड़कों को यह विकल्प नहीं मिलता।

अब इसे महिला ड्राइवर का डर भी की सकते हैं, लेकिन अगर कोई महिला कार चला रही है तो कोई अन्य कार वाला या कोई पैदल व्यक्ति भी उनके आगे से रास्ता पार करने की कोशिश नहीं करेगा। यानी कि लड़कियों को मिलती हैं स्मूद व ब्रेक फ्री रोड।

बेशक गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करना मना है, लेकिन लिपस्टिक लगाना या चिप्स खाना तो मना नहीं है। बेशक आप साइड पाने के लिए हॉर्न बजाते रहें, लड़कियां गाड़ी चलाते चलाते भी रियर व्यू मिरर का इस्तेमाल मेकअप करने के लिए कर ही लेती हैं।

सेफ्टी के लिहाज से पापा की कार पर भाई की बजाए बहन का कब्जा पहले हो जाता है। पापा भी कहते हैं, बेटा बहन को कार ले जाने दो, कार में वो सुरक्षित रहेगी, तुम बाइक ले जाओ। ज्यादातर लड़कों के साथ यह जरूर होता है।

वैसे तो गूगल मैप्स के इस जमाने में अ काई साइनबोर्ड पर इतना यकीन नहीं करता और न ही इन पर इतना ध्यान देता है। कुछ ऎसा ही महिलाओं के साथ भी है। फिर भी अगर रास्ता भटक जाएं तो राह चलते लोगों से पूछने पर राह मिल ही जाती है, लेकिन लड़की अपनी नाक ऊंची रखने के लिए किसी से रास्ता भी नहीं पूछेंगे।

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