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यहां जानें शरीर के अंगों के फड़कने का अर्थ, देते हैं खास संकेत

आपने कभी गौर किया होगा कि कई बार अचानक ही आपकी आंख फड़कने लगती है। कभी पीठ पर फडफ़ड़ाहट महसूस होती है। शरीर के अंगों का फड़कना कभी शुभ संकेत होता है तो कभी अशुभ। शरीर के अंगों के फड़कने के बारे में हमारे शास्त्रों में भी लिखा गया है। यहां जानें किस अंग के फड़कने का क्या हो सकता है अर्थ।

अंगों के फड़कने के यह होते हैं संकेत

– मस्तक के फड़कने से भूमि का लाभ होता है।
– मुख फड़कने का मतलब होता है कि आपको स्वादिष्ट भोजन मिलने वाला है।
– पीठ के फड़कने का अर्थ है किसी कार्य में पराजय होने का संकेत, वैसे कुछ लोग यह भी मानते हैं कि आपकी कोई बुराई कर रहा है।
– गला फड़कने का अर्थ होता है भविष्य में ऐश्वर्य का लाभी प्राप्त हो सकता है।
– अंखों के फड़कने का अर्थ है प्रिय से भेंट
– अगर आंख का उध्र्व भाग फड़ेके तो कार्यों में विजय प्राप्त होती है।
– दोनों भौंह फड़कने का अर्थ है सुख की प्राप्ति होने वाली है।
– पैर का तलवा लगातार फड़के तो व्यक्ति की बुद्धि का विकास होता है व यात्रा का अवसर प्राप्त होता है।
– जांघों का फड़कना मतलब बॉस से अच्छे रिश्ते। नौकरों पर स्वामी की कृपा बनी रहती है।
– कसी स्त्री का भग फड़कने लगे तो समझना चाहिए कि उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति होने के संकेत हैं।
– कमर का पिछला भग फड़कने से कार्यों में उत्तम सफलता प्राप्त होती है।
– दाहिनी हथेली फड़कने से धन प्राप्त होता है, जबकि बाईं हथेली फड़कने से धन का व्यय।
– होंठ फड़कने से मनचाही वस्तु प्राप्त होती है।
– ठुड्डी फड़कने से भय बना रहता है।
– घुटनों के फड़कने से शत्रु व विरोधियों की वृद्धि होती है।
– नेत्र का कोना फड़कने से आर्थिक स्थिति में मजबूती आती है।
– नाभि का भाग फड़कने से पति/स्त्री को शारीरिक कष्ट मिलता है।