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मिथुन लग्न और कष्ट निवारक उपाय, जानिए

मिथुन लग्न पर बुध का प्रभाव होता है। आप बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं आपका मस्तिष्क सदैव विचारमान व गतिमान रहता है इसलिए हर समय कुछ न कुछ आपके मस्तिष्क में चलता रहता है। आपके व्यक्तित्व में सुकोमलता और बालसुलभ क्रियायें सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। लग्न के स्वामी बुध होने की वजह से कठिन से कठिन काम को भी आप अपनी बुद्धि कौशल से आसान बना लेते हैं। जिन विषयों में जितनी गहराई अधिक होती है उनके प्रति आपका झुकाव उतना ही अधिक होता है, इसलिए गणित जैसे कठिन विषय के प्रति आपका झुकाव अधिक होता है। आपका मजाकिया स्वभाव होता है कई बार लोग आपकी मजाक को आसानी से नहीं समझ पाते हैं और आपसे नाराज तक हो जाते हैं।

मिथुन लग्न के जातक मध्यम कद के होते हैं। शारीरिक श्रम आपके व्यक्तित्व का हिस्सा नहीं बन जाता है क्योंकि काफी कर्यो का प्रबंधन आप बुद्धि कौशल से सम्पन्न कर लेते हैं। द्विस्वभाव लग्न होने से आपके स्वभाव में भी दोहरापन (वास्तव में लचीलापन) होता है। समय के अनुसार अपने व्यवहार को बदल लेना अथवा हर परिस्थिति में स्वयं को ढाल लेना, वातावरण को अपने अनुसार ढाल लेना या स्वयं वातावरण के अनुसार ढल जाना आपके स्वभाव की विशेषता होती है। मिथुन लग्न का चिह्न स्त्री-पुरूष का जो़डा, जिसमें पुरूष के हाथ में गदा एवं स्त्री के हाथ में वीणा है, जिससे कभी ये कठोर स्वभाव एवं कभी बिल्कुल कोमल व्यवहार लिये होते हैं।
मिथुन लग्न के जातक अकेले नहीं रह सकते हैं। आपको मित्रों के साथ बैठना अच्छा लगता है। आप हर आयु वर्ग के व्यक्ति के साथ मित्रता कर भी लेते हैं और उसे निभा भी लेते हैं। आप हर तरह के माहौल में स्वयं को ढाल लेते हैं। प्रत्येक तरह का भोजन आपको पसंद होता है। आप मिश्रित प्रकृति होने के कारण आपको रोग भी मिश्रित अर्थात् कई प्रकार के ही होते हैं। आपको खान-पान में विशेष रूप से घर से बाहर के खाने का परहेज करना चाहिए। अपनी बहुमुखी प्रतिभा के ही कारण आप कई क्षेत्रों में प्रसिद्धि हासिल करते हैं। आपका व्यवहारिक ज्ञान अच्छा होता है।

किसी भी व्यक्ति से अपना कोई काम कैसे करवाया जाये, यह व्यवहार कुशलता आपको अच्छी तरह से आती है। हर चीज को सीखने एवं पाने की ललक आप मे रहती है। आप खाली नहीं बैठ सकते हैं। हर समय व्यस्त रहना कुछ नया करने की इच्छा आपमें रहती है। आपका हँसमुख स्वभाव आपको हर जगह लोकप्रिय बनाता है।

मिथुन लग्न (Business and career for Gemini Lagna)

रुचि: मिथुन लग्न के तीसरे घर में सिंह राशि होती है। जिसके अनुसार इस लग्न के व्यक्ति एथलीट, ग्रह सज्जा, पेंटिग, शिल्प, मित्रों के लिये खाना बनाना पसन्द करते है। सिंह लग्न वाले नाटक व अभिनय में भी रुचि लेते है। एसे व्यक्तियों को प्रबन्ध का शौक भी रहता है।

व्यवसाय: इस लग्न के व्यक्तियों के लिये प्रबन्ध निर्देशक, अध्यक्ष, प्रध्यापक, खिलाडी, अभिनेता, नर्तक, कृ्षक, केश सज्जाकार इत्यादि क्षेत्र आजीविका प्राप्ति के लिये उपयुक्त समझे जाते है। ये लोग जौहरी या सुनार भी बन सकते है। तथा इन्हें
समाज कल्याण में भी रुचि रहती है। इस लग्न के लोग ज्ञान व अनुभव ले जिला अधिकारी बन सकते है।

आर्थिक समस्या निवारण हेतु :-

यदि आपकी आय के मार्ग अवरूद्ध होंने लगें अथवा आपका किसी को दिया हुआ पैसा वापिस नहीं मिल पा रहा हो, तो उसके लिए नित्य प्रात: श्री विष्णु सहस्त्रनाम अथवा श्री नारायण कवच का पाठ करें। एक नवमुखी रूद्राक्ष चाँदी में मंडवाकर शुक्रवार के दिन गले में धारण करें एवं घर/कार्यस्थल की पूर्व दिशा में एक मछलीघर (Aquarium ) स्थापित करें। इसके अतिरिक्त न्यूनतम 12 मंगलवार लगातार श्यामक चावलों की खीर बनाकर मन्दिर में दान करें।
उपरोक्त उपायों के विधिवत क्रियान्वन पश्चात आप पायेंगें कि जहाँ आपकी आमदनी के स्त्रोत खुलने लगे हैं, वहीं यदि किसी के पास आपका धन उधार फंस गया है तो अल्प प्रत्यनों से उसकी प्राप्ति भी होने लगेगी।

भाग्योन्नति हेतु :-

यदि आपको भाग्योन्नति में बार-बार अवरोध कि स्थितियों का सामना करना पड रहा है, अथवा आपका प्रत्येक कार्य सफलता के समीप आकर रूक जाता हो, तो उसके लिए सर्वप्रथम गले में एक द्वादशमुखी रूद्राक्ष सोने में धारण करें। तत्पश्चात नियमपूर्वक प्रत्येक शनिवार के दिन उडद की दाल से बना कोई भी पदार्थ किसी गरीब व्यक्ति को अवश्य दान किया करें। इसके अतिरिक्त कम से कम 5 अमावस्या लगातार जल में शहद, काले तिल एवं कच्चा दूध मिलाकर उत्तराभिमुख हो पीपल/बरगद के किसी वृक्ष पर अवश्य चढाना चाहिए। यदि आप नियमपूर्वक इन उपरोक्त उपायों को कर सकें, तो आप देखेंगें कि शनै: शनै: आपके भाग्य के समस्त अवरोध मिटने लगे हैं।

सुरूचिपूर्ण जीवन हेतु :-

यदि आप जीवन में बार-बार परेशानी अथवा अपने कार्यों में व्यर्थ के व्यवधान अनुभव कर रहे हैं, तो इसके लिए अपने घर के पूजास्थान पर चाँदी के किसी पात्र में सात सफेद अकीक गंगाजल में डुबोकर रखें, साथ ही नियमपूर्वक प्रत्येक बृहस्पतिवार के दिन किसी धार्मिक स्थल पर थोडा सा पीला गोपीचन्दन अर्पित करते रहें। केवलमात्र इन दो उपायों से ही आप पायेंगें कि आपके जीवन में अनायास उत्पन हो रही कईं प्रकार की परेशानियों एवं विघ्न बाधाओं से आपको सहज ही मुक्ति मिलने लगी है।

सम्पत्ति, वाहन सुख प्राप्ति हेतु :-

यदि आप जमीन-जायदाद, नजदीकी सगे सम्बन्धियों अथवा वाहन सम्बंधी किसी प्रकार की कोई समस्या/कष्ट का सामना कर रहे हैं, तो इसके लिए लगातार 16 सोमवार किसी नदी/नहर इत्यादि में आधा लीटर कच्चा दूध प्रवाहित करें। साथ ही द्विमुखी रूद्राक्ष चाँदी में मंडवाकर शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन गले में धारण करें तो आपकी समस्या का समाधान स्वत: ही निकलने लगेगा।

दाम्पत्य सुखवृद्धि हेतु:-

यदि आप दाम्पत्य जीवन में व्यवधान यथा पति-पत्नि में विवाद, वैचारिक मतभेद, अशान्ती जन्य किन्ही कष्टों का सामना कर रहे हैं अथवा व्यापारिक सांझेदारी में शत्रुतापूर्ण स्थितियाँ उत्पन्न हो रही हों तो उसकी निवृति एवं आपसी सामंजस्य की अभिवृद्धि हेतु लगातार 7 बृहस्पतिवार भगवान श्री लक्ष्मीनारायण अथवा श्रीराधाकृष्ण जी के मन्दिर में जाकर उन्हे हल्दी की माला पहनायें, उनके सम्मुख केले के पत्ते पर रखकर आटे का बना शुद्ध घी का एक दीपक प्रज्ज्वलित्त करें। घर/व्यापारिक प्रतिष्ठान में सफेद पत्थर के नन्दी (शिव वाहन) जी स्थापित करें। स्थायी फल प्राप्ति हेतु वर्ष में एक बार किसी भी माह की पूर्णिमा के दिन 5 वृद्धजनों को भोजन अवश्य करा दिया करें।

भय, मानसिक तनाव से मुक्ति हेतु :-

यदि आप किसी वजह से मानसिक तनाव में रहते हैं अथवा किसी अज्ञात भय से पीडित हैं, अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं तो उसके लिए अपने घर में सफेद रंग के पुष्प उत्पन्न करने वाले पौधे लगायें। ताँबा धातु में मंडवाकर एक पंचमुखी रूद्राक्ष रविवार के दिन गले में धारण करें तथा सप्ताह में एक बार बुधवार के दिन जल में फटकरी डालकर स्नान करें। इससे जहाँ आप मानसिक तनाव/भय इत्यादि से मुक्त हो पायेंगें, वहीं आपके आत्मबल में वृद्धि होकर आप सामाजिक मान-प्रतिष्ठा भी प्राप्त करेंगें।

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