यहां काली माता को लगता है चाउमिन का भोग

भारत को सदियों से विश्व में धर्म गुरू के रूप में देखा जा रहा है। यहां का आध्यात्म, धर्म के प्रति लोगों की श्रद्धा और विश्वोस काबिले तारीफ है। आज हम आपको भारत और चीन के मध्य रिश्त को प्रगाढ़ करने वाली चाउमीन काली माता के बारे में बताने जा रहे है। अमूमन जहां देवी-देवताओं को मिठाइयों का भोग लगता है, वहीं यहां काली माता को चाउमीन का भोग लगाया जाता है।

जी हां, आपको विश्वास नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह सच है कि यहां देवी मां के लिए चाउमिन का ही भोग लगाया जाता है। हम बात कर रहे है कोलकाता के टंगरा में स्थित काली मां के मंदिर की। बरसो पुराने काली मां के मंदिर में आज भी हर रोज चाउमिन का भोग लगाया जाता है और उसे भक्तों में बांट दिया जाता है। मंदिर में पिछले 55 साल से इसोन चेन नाम का पुजारी सेवा कर रहा है।

चीन से जुड़ा है इतिहास

इस मंदिर के इतिहास में चीनी दंत कहानियां चली आ रही हैं। बताया जाता है कि कई दशक पहले एक बार चीन में बीमारी के चलते हजारों लोग परेशान हो रहे थे। डाॅक्टर भी बीमारी का इलाज नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में सभी लोग कोलकाता में देवी मां के मंदिर में आए और कई दिनों तक पूजा अर्चना की। बताया जाता है कि देवी मां ने इनकी पुकार सुन ली और सभी लोगों को ठीक किया। चीनी लोगों ने देवी के सामने चाइनीज अगरबत्तियां और केंडल जलाई। कुछ लोगों ने मंदिर में चाउमिन तक का भोग भी लगाया। तब से ही इस मंदिर की काफी मान्यता बढ़ी और दूर-दूर से लोग यहां माता से मन्नत मांगने आते हैं।

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