दर्शन से कटते हैं सभी पाप, इस पेड़ के नीचे मां पार्वती ने किया था तप

एकंबरेश्वर या एकंबरनाथ, शिव को समर्पित एक मशहूर मंदिर है। तमिलनाडु के कांचीपुरम में इस छठी शताब्दी के मंदिर को “पंचभूत स्थलम” के पांच पवित्र शिव मंदिरों में से एक का दर्जा प्राप्त है और यह “धरती” तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।

इस श्रेणी के शेष चार अन्य प्रतिष्ठित शिव मंदिरों में “चिदंबरम नटराजा” (आकाश), “थिरूवन्नामलाई अरूणाचलेश्वर” (अग्नि), “थिरूवनाईकवल जम्बुकेश्वर” (जल) और “कालहस्ती नाथर” (वायु) माने जाते हैं।

मंदिर के निर्माण में पल्लवों से लेकर चोल शासकों तक का योगदान रहा है। 23 एकड़ में फैले मंदिर में विजयनगर के राजा कृष्णदेवराय की ओर से बनवाया गया “राजा गोपुरम” या एंट्रेस-टॉवर 59 मीटर ऊंचा है। मंदिर का एक मुख्य आकर्षण “अविराम काल मंडपम्” है, जिसमें हजार स्तंभ हैं।

मंदिर की भीतरी दीवारों पर 1008 शिवलिंगम् सज्जित हैं। वहीं, मंदिर परिसर में आम के एक वृक्ष को 3,500 वर्ष पुराना माना गया है, जिसके सान्निध्य में देवी पार्वती ने कठोर तप किया था।

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