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शरीर के इस हिस्से पर है तिल तो समझ लीजिए मिलने वाला है वो मौका

हर किसी के शरीर के किसी न किसी भाग पर तिल जरूर होते हैं। यह तिल जहां एक तरफ सुंदरता में चार चांद लगाते हैं, वहीं यह व्यक्ति केस्वभाव और भविष्य में घटने वाली घटनाओं की ओर भी इशारा करते हैं। यहां जानें आपके शरीर के किस भाग पर तिल होने का क्या अर्थ है।

गाल पर तिल – गाल पर तिल होना का मतलब है कि व्यक्ति पढ़ाई में बहुत तेज है। ऐसे व्यक्ति जिस भी चीज को करने की ठानते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। यह लोग बहुत ही सकारात्मक विचारों के होते हैं।

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चिन पर तिल – जिन लोगों की ठुड्डी पर तिल होता है उन लोगों को सफलता आसानी से मिल जाती है और वे लोग बुलंदियां छूते हैं। ऐसे लोगों को बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। ऐसे लोग अपने जीवन में बहुत खुश रहते हैं और उन्हें अपनी कामयाबी पर गर्व होता है।

नाक पर तिल – अगर आपकी नाक पर तिल है तो मतलब है कि आप अपनी पूरी जिंदगी में बहुत यात्राएं करेंगे और ऐसे लोगों को घूमने का बहुत शौक होता है।

पेट पर तिल – जिन लोगों के पेट पर तिल होता है, वे लोग खाने के बहुत शौकीन होते हैं।

गर्दन पर तिल – जिन लोगों की गर्दन पर तिल होता है उन लोगों के जीवन में दुख होने की संभावना बहुत कम होती है, उनका जीवन बहुत ही सुखमय होता है।

आंख पर तिल – जिन लोगों की आंख पर तिल होता है उन्हें शुभ माना जाता है। वे लोग दिल के बहुत साफ होते हैं।

हाथ पर तिल – हाथों पर तिल होना सफलता का संकेत होता है। जिन लोगों के हाथ पर तिल होता है उन्हें सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता।

ललाट पर तिल – ललाट के मध्य भाग में तिल निर्मल प्रेम की निशानी है। ललाट के दाहिने तरफ का तिल किसी विषय विशेष में निपुणता, लेकिन बायीं तरफ का तिल फिजूलखर्ची का प्रतीक होता है। ललाट या माथे के तिल के संबंध में एक मत यह भी है कि दायीं ओर का तिल धन वृद्धि कारक और बायीं तरफ का तिल घोर निराशापूर्ण जीवन का सूचक होता है।

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पैरों पर तिल – ऐसे लोगों के जीवन में भटकाव रहता है। ऐसे व्यक्ति यात्राओं के शौकीन होते हैं। दाएं पैर पर तिल हो तो यात्राएं सोद्देशय और बाएं पर हो तो निरुद्देश्य होती हैं। साथ ही अच्छे मौकों की तलाश में आप दूर तक यात्राएंं भी कर सकते हैं।