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सप्ताह के सातों दिन इस तरह बनाए शुभ, कमाएंगे अच्छा पैसा

सप्ताह में सात दिन होते हैं। हर दिन अलग अलग ग्रह के प्रभाव का इस्तेमाल करके धन कमाया जा सकता है। ज्योतिष के अनुसार सभी लोगों को सप्ताह के सातों दिन शुभ नहीं होते वरन हर राशि के व्यक्ति के लिए सप्ताह का एक दिन विशेष रूप से शुभ तथा अशुभ होता है। फिर भी हर वार की अपनी एक खासियत होती है जिसे जान कर आप अपने हर कार्य की सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि कौनसा वार किस कार्य के लिए शुभ रहता है और किस कार्य के लिए अशुभ

रविवार: रविवार सूर्य का दिन होता है। इसे भगवान विष्णु तथा भैरों बाबा का भी दिन माना जाता है। प्रत्येक प्रकार से यह उग्र होता है। इस दिन सोना, तांबा, अग्नि या बिजली का सामान खरीदना, अग्निकोण की दिशा में यात्रा करना शुभ है। ज्योतिष के अनुसार रविवार को अच्छे-अच्छे पकवान खाना तथा गृह प्रवेश करना शुभ रहता है। लेकिन इस दिन किसी भी दशा में पश्चिम की यात्रा नहीं करनी चाहिए। आप चाहे तो इस दिन भृकुटी पर लाल चंदन लगा कर अपने रविवार को और भी खुशनुमा बना सकते हैं।

सोमवार: सोमवार भगवान शिव का वार है। जिन लोगों का बेहद उग्र स्वभाव होता है उन्हें इस दिन व्रत रखने से स्वभाव शांत होता है। आप यदि किसी नए बिजनेस में या शेयर मार्केट में निवेश करने की सोच रहे हैं तो सोमवार इसके लिए बहुत ही उपयुक्त दिन है। इसके अतिरिक्त सोमवार को राज्याभिषेक, नई नौकरी ज्वॉइन करना, कृषि कार्य करना, लेखन करना, व्यापार आरंभ करना आदि कार्य किए जा सकते हैं। परन्तु इस दिन भूल कर भी किसी को सफेद वस्त्र या दूध दान में नहीं देना चाहिए।

मंगलवार: मंगलवार हनुमानजी का दिन होने के साथ साथ बेहद ही उग्र वार है। यह ब्रहमचर्य का भी दिन है। यही कारण है कि इस दिन गृहस्थ लोगों को भी सेक्स ना करने तथा मांस- मदिर त्यागने की सलाह दी जाती है। इस दिन किसी को ऋण (उधार) भी नहीं देना चाहिए। इस दिन दिया गया कर्जा कभी वापिस नहीं आता है। यदि आप कोई मुकदमा, युद्ध या विवाह कार्य आरंभ करना चाहते हैं तो मंगलवार को बेहिचक कर सकते हैं। यदि आपने कर्जा ले रखा है तो उसे चुकाने के लिए भी मंगलवार बहुत शुभ दिन है।

बुधवार: बुधवार भगवान गणेश तथा मां दुर्गा की पूजा का दिन है। यह दिन ज्योतिष, शेयर, दलाली तथा पैसे जमा करने के लिए शुभ है। कोई नई योजना बनाने, लेखन आरंभ करने आदि के लिए भी बुधवार शुभ रहता है परन्तु इस दिन धन का लेन-देन हर्गिज नहीं करना चाहिए।

गुरूवार: हिन्दू ग्रंथों के अनुसार गुरूवार ब्रहमा तथा गुरू बृहस्पति का दिन है। यह धर्म तथा धार्मिक अनुष्ठान का दिन है। इस दिन धार्मिक, मांगलिक, प्रशासनिक, शिक्षण तथा रचनात्मक कार्य आरंभ किए जाने चाहिए। इसी तरह सोना तथा तांबे का क्रय-विक्रय कर सकते हैं। लेकिन गुरूवार को शेविंग तथा नाखून नहीं काटने चाहिए।

शुक्रवार: शुक्रवार धन तथा संहार की देवी लक्ष्मी तथा काली का दिन माना जाता है। इस दिन व्यक्ति में ओज, तेजस्विता, सौन्दर्य, रज और शुक्र का वर्धन होता है। इस दिन कला, संगीत, गायन, आमोद, प्रमोद आदि किसी भी रचनात्मक कार्य की शुरूआत की जा सकती है। इस दिन सुख, संभोग, सौन्दर्य तथा फैशन से जुड़ी वस्तुओं का क्रय-विक्रय किया जाना चाहिए। इस दिन शरीर का साफ-सुथरा रखने से घर में लक्ष्मी का वास होता है। इसके अतिरिक्त शुक्रवार को कर्जे के लेन-देन के लिए सबसे शुभ दिन बताया जाता है। इस दिन लिया गया कर्जा जल्दी चुक जाता है और किसी दूसरे को दिया पैसा जल्दी वापिस भी लौट आता है। इस दिन पश्चिम तथा दक्षिण की यात्रा से दूर रहना चाहिए। यहीं नहीं ज्योतिष के अनुसार संतान के इच्छुक गृहस्थ दम्पतियों को इस दिन सेक्स करने की सलाह दी जाती है।

शनिवार: शनिवार को भगवान शनि तथा भैरव का दिन माना जाता है। इस दिन जमीन खरीदना, भवन निर्माण प्रारंभ, ऑपरेशन करना अत्यंत शुभ होता है। इसी प्रकार अग्नि से जुड़ी वस्तुओं यथा पेट्रोल, लकड़ी, सीमेंट आदि का क्रय-विक्रय करना ठीक रहता है। परन्तु शनिवार के दिन लड़के को ससुराल नहीं जाना चाहिए और न ही तेल, कोयला, नमक, लोहा खरीदना चाहिए वरना व्यक्ति पर बिन-बुलाए संकटों की बरसात होती है। शनिवार को शराब पीना और मांस खाना भी वर्जित है। इससे अच्छे से अच्छा भाग्य भी बुरे में बदल जाता है।

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