Pan Card: इस गलती से बन जाएंगे कंगाल! बैंक भी घोषित कर देंगे डिफॉल्टर

मॉडर्न जमाने में पैन कार्ड का इस्तेमाल बहुत तेजी से पांव पसार रहा है. किसी योजना से जुड़ना हो या फिर बैंक में अकाउंट ओपन कराने से लेकर आईटआर भरने सहित तमाम वित्तीय कार्यों में पैन कार्ड (pan card) की जरूरत पड़ती है.
vipin kumar

Pan Card Defaulter: मॉडर्न जमाने में पैन कार्ड का इस्तेमाल बहुत तेजी से पांव पसार रहा है. किसी योजना से जुड़ना हो या फिर बैंक में अकाउंट ओपन कराने से लेकर आईटआर भरने सहित तमाम वित्तीय कार्यों में पैन कार्ड (pan card) की जरूरत पड़ती है. कुछ समय से पैन कार्ड के माध्यम से साइबर ठगी (cyber fraud) के मामलों में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है.

इसलिए पैन कार्ड (pan card) की जानकारी लीक ना हो तभी आपके लिए बढ़िया होगा. अगर पैन कार्ड (pan card) लीक हुआ तो फिर साइबर ठग (cyber fraud) आपको तगड़ा चूना लगा सकते हैं. जिससे दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. साइबर अपराधी कैसे आपको पकड़ने के लिए जाल बिछाते हैं, और आप कैसे बचाव कर सकते हैं? यह सब नीचे जान सकते हैं.

जानिए जाल बिछाने की कैसे होती तैयारी

क्या आपको पता है कि साइबर ठगों का दिमाग बहुत ही चालाक और शातिर होता है? साइबर ठग सीधे-साधे और मासूम लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं. अधिकतर साइबर ठग डेटा लीक के साथ-साथ किसी सुरक्षित वेबसाइटों के जरिए पैन नंबर की जानकारी आसानी से निकाल सकते हैं.

जानकारी चुराते ही लोन ऐप्स से भारी मात्रा में कर्जा लेना भी शुरू कर सकते हैं. इसकी चौंकाने वाली बात यह है कि असली मालिक के कानों तक इसकी भनक नहीं पड़ती है. इतना ही नहीं, पैसे कटने पर भी पता नहीं चलता है.

पैसे कटने पर नहीं मिलती जानकारी

पैन कार्ड की अजीब खास बात यह है कि बैंक से पैसे कटने वाले फ्रॉड का मैसेज तुरंत लोगों के पास पहुंच जाता है. पैन कार्ड में ऐसा नहीं रहता है. जब ठग लोन लेकर ईएमआई नहीं चुकाते, तो आपकी सिबिल रिपोर्ट पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है. इस बात पर ध्यान दें, कि पैन फ्रॉड के दौरान सारा काम पीछे यानी बैंकग्राउंड में चल रहा रहता है. इसकी वजह से लोग इस बात से अनजान रहते हैं कि उनके साथ कितना बड़ा फ्रॉड किया जा रहा है.

कैसे करें खुद का बचाव

जानकारी मिलती है कि आपके नाम पर किसी भी तरह का फर्जी लोन लिया गया तो बिना किसी देर के समझाएं की आप साइबर ठग के पीड़ित बन चुके हैं. इसके साथ ही बिना घबराएं तुरंत संबंधित बैंक या फिर एनबीएफसी को इसकी लिखित में शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

वहीं, इसके अलावा सिबिल जैसी क्रेडिट ब्यूरो वेबसाइट पर जाकर उस एंट्री पर विवाद भी दर्ज कराने का काम कर सकते हैं. नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराना बिल्कुल भी न भूलें ताकि आप कानूनी रूप से पूरी तरह से सुरक्षित रह सकें.