Suvendu Adhikari PA Murder: सीएम शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के लिए खर्च हुए थे 1 करोड़ रुपये! जानिए अपडेट

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के नए सीएम बने शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के करीब सहयोगी की हत्या के मामले में अब जांच तेजी से चल रही है. मृतक चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच में चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना बनी हुई है.
vipin kumar

Suvendu Adhikari Pa Murder: पश्चिम बंगाल (West Bengal) के नए सीएम बने शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के करीब सहयोगी की हत्या के मामले में अब जांच तेजी से चल रही है. मृतक चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच में चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना बनी हुई है. सीबीआई (CBI की विशेष जांच टीम ने मंगलवार को उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में घटनास्थल का दौरा किया था.

हत्या की शुरुआती जांच में एजेंसी को यह एक बेहद सुनियोजित सुपारी किलिंग का लग रहा है. इस पर 1 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने का भी शक लग रहा है. जांच के लिए गठित की गई सीबीआई ने घटनास्थल का दौरा किया है. सीबीआई की जांच का नेतृत्व डीआईजी पंकज कुमार सिंह कर रहे हैं. कोलकाता की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे हैं.

टीम ने जुटाए सबूत

सीबीआई की टीम ने घटनास्थल पहुंचकर क्राइम सीन पर वारदात के पूरे मामले को समझने की कोशिश करते हुए सबूतों को दोबारा समझने की समीक्षा की है. दरअसल, शुभेदु अधिकारी के पीए की हत्या विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के दो दिन बाद यानी 6 मई को मध्यमग्राम की दो दोहरिया लेन में की गई थी.

यह इलाका कोलकाता एयरपोर्ट से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर है. हमला उस वक्त हुआ जब चंद्रनाथ अपनी एसयूवी कार में सवार थे. उनके ड्राइवर के भी गोली लगी, जिससे अफरा-तफरी मच गई. इसके बाद दोपहिया वाहनों पर पहुंचे हथियारबंद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.

सुपारी किलिंग पर 1 करोड़ के खर्च की आशंका

शुरुआती जांच में एजेंसी का मानना है कि यह हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी. इसमें 1 करोड़ रुपये की सुपारी किलिंग का शक है. पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या में इस्तेमाल हुई दो बंदूकों में से एक की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक हो सकती है. फिर शार्प शूटरों को हायर करने वाले क्षेत्र में रेकी कराने का काम किया गया था. भागने के लिए वाहन जुटाने और ऑपरेशन को अंजाम देने में मोटी रकम खर्च की गई थी.

एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी रकम किसने लगाई और इसके पीछे मकसद क्या था. CFSL की टीम ने घटनास्थल से खून के ताजा नमूने और दूसरे वैज्ञानिक सबूत जुटाए हैं. अब बैलिस्टिक जांच और अन्य तकनीकी विश्लेषण के जरिए हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.