सचिन नहीं ये स्कूली बच्चे हैं क्रिकेट के भगवान

अब तक स्कूली क्रिकेट में बड़े-बड़े रिकार्ड क्रिकेट जगत देख चुका है। स्कूली क्रिकेट में ही सचिन और कांबली ने 1988 में 664 रनों की रिकार्ड साझेदारी कर रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद सचिन को देश के लिए खेलने का मौका मिला और बाद में उन्हें उनके रिकॉर्ड के कारण क्रिकेट के भगवान की संज्ञा दी जाने लगी। लेकिन अब मुंबई से ही एक और क्रिकेट के भगवान ने प्रणव के रूप में अवतार लिया है। कल्याण के 15 साल के प्रणव धानवाडे ने महज 323 गेंदों में 1000 रन बनाकर समूचे क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खिंचा है। प्रणव ने यह रिकॉर्ड मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से आयोजित भंडारी ट्रॉफी के दौरान बनाया।

प्रणव से पहले अधिकतम रनों का रिकॉर्ड भारत में जन्में एईजे कोलिंस के नाम था। देश के हजारीबाग में जन्में कोलिंस ने 1889 में इंग्लैंड में क्लब मैच के दौरान 628 रन बनाए थे। हालांकि कई और ऐसे स्कूली रिकॉर्ड हैं जिनमें 400 से ज्यादा रन बनाए गए।

प्रणव से पहले 2013-14 में मुंबई की हैरिस शील्ड में पृथ्वी शॉ ने 546 रन बनाकर रिकार्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड पृथ्वी ने रिज्वी स्कूल की तरफ से सेंट फ्रांसिस के खिलाफ बनाया था। पृथ्वी ने अरमान जाफर के रिकॉर्ड को तोड़ा।

बीबी एंड सीआई रेलवे और सेंट जेवियर्स के बीच 1933-34 के दौरान डीआर हवेवाला ने गजब का खेल दिखाते हुए 515 रनों का निजी स्कोर बनाया।

वर्ष 2012 में रिजवी स्कूल के ही अरमान जाफर ने धमाकेदार पारी खेलते हुए 473 रन का निजी स्कोर खड़ा किया।

1956-57 में पटियाला में भी एक शानदार बल्लेबाजी का नमूना देखने को मिला। मोहिंदर कॉल और गवर्नमेंट स्कूल के बीच हुए मुकाबले में चमनलाल ने 502 रन बनाए और नॉट आउट रहे।

रिजवी स्कूल के सरफराज खान ने आईईएस स्कूल के खिलाफ खेलते हुए 439 रन बनाए।

1963 में रमेश नागदेव नाम की एक सनसनी क्रिकेट जगत में आई। नागदेव ने हिंदी विद्या भवन की ओर से खेलते हुए आमीन स्कूल के खिलाफ 422 रन बनाए।

हिंदी विद्या भवन के नागदेव ने 422 रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया था। वहीं 1985 में संजीव जाधव ने हिंदी भवन स्कूल के खिलाफ खेलते हुए 422 रनों का व्यक्तिग स्कोर बना वाहवाही लूटी।

1992 में मारवाडी स्कूल के खिलाफ खेलते हुए वसीम जाफर ने 400 रनों की नाबाद पारी खेली। वसीम जाफर बाद में टीम इंडिया के ओपनर के रूप में भी खेले।

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