मनहूस IPL, जिसके साथ जुड़ने पर शुरू हुए बुरे दिन जानिए घटनाएं

आईपीएल को बड़ा बनाने वाला और इस क्रिकेट फार्मेट को ऊंचाईयों तक ले जाना वाला शख्स आज स्वदेश आने में घबरा रहा है। आईपीएल को खिलाडिय़ों और टीम मालिकों के लिए कमाऊ प्रतियोगिता बनाने का श्रेय भी ललित मोदी को ही जाता है। लेकिन, वह ललित मोदी अब अपने देश में नहीं है। उस पर प्रर्वतन निदेशालय के नोटिस जारी हो रहे हैं। खुद आईपीएल के पैर जमाने वाले के पैरों तले खुद की जमीन नहीं है। सिर्फ मोदी ही नहीं, उनके साथ और बाद में आए कई टीम मालिकों का बुरा वक्त आईपीएल से जुडऩे के बाद ही शुरू हुआ। ऐसे चाहे संयोग कहें या फिर बैडलॅक, पर आईपीएल पर अनलॅकी होने का टैग लग चुका है।

सहरा समूह के सुब्रत रॉय जो पहले से ही भारतीय क्रिकेट टीम को प्रायोजित कर रहे थे, उन्होंने एक और जोखिम उठाया और आईपीएल की सबसे महंगी टीम पुणे वॉरीयर्स इंडिया को 2010 में खरीदा। हालांकि ये अलग बात है कि अब सहारा प्रमुख जेल की सलाखों के पीछे हैं। उनको बेल के लिए आवश्यक धन भी नहीं मिल पा रहा है।

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत के बेताज बादशाह का दूसरा नाम था एन श्रीनिवासन। पूरे क्रिकेट जगत में उनका सामना या विरोध करने की हिम्मत किसी में नहीं थी। आईपीएल के चक्कर में बीसीसीआई प्रमुख की कुर्सी चली गई। उनके दामाद को क्रिकेट जगत में बैन कर दिया गया। श्रीनिवासन की इंडिया सिमेंट को चेन्नई सुपर किंग्स खोनी पड़ी।

इसे संयोग कहा जाए या फिर आईपीएल में जुडऩे के कारण आना वाला दुर्भाग्य! यूबी गु्रप के विजय माल्या को अपनी एयरलाइन सेवा को बंद करना पड़ा। यूबी ग्रुप पर उनका नियंत्रण भी जाता रहा। विजय माल्या ने आईपीएल टीम आरसीबी को खरीदा था।

शिल्पा शेट्टी आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स के प्रमोशन और मैचों में नजर आना शुरू हो गईं थी। पहले लोगों को कुछ समझ नहीं आया। फिर जानकारी सामने आई कि उनके पति राज कुन्द्रा का टीम में शेयर है। राजस्थान रॉयल्स से ही पहला फिक्सिंग का भूत निकला। उसकी चपेट में कुछ खिलाड़ी आ गए। इसके बाद तो फिक्सिंग में जैसे पूरा आईपीएल ही फंस गया। इसीके चलते आखिरकार राज कुन्द्रा पर जीवनभर के लिए क्रिकेट जगत से जुडऩे पर पाबंदी लगा दी गई। कुंद्रा को राजस्थान रॉयल्स में 11.6 प्रतिशत का अपना शेयर भी छोडऩा पड़ा।

हैदराबाद से निकलने वाले समाचार पत्र डेक्कन क्रॉनिकल के मालिक टी. वेंकटराम रेड्डी ने आईपीएल की टीम डेक्कन चार्जर्स को खरीदा। डेक्कन ने 2009 का खिताब भी जीता। लेकिन आईपीएल से जुडऩा इसके मालिक वेंकटराम को रास नहीं आया। संयोगवश ही सही, पहले वेंकटराम को अपनी टीम से हाथ धोना पड़ा और फिर उन्हें सीबीआई ने फरवरी 2015 में गिरफ्तार कर लिया।

डेक्कन चार्जर्स की टीम को रिप्लेस करने वाले सन टीवी के मारन ब्रदर्स भी आईपीएल से जुडऩे के बाद संघर्ष कर रहे हैं। कभी पूर्व डीएमके प्रमुख एम करूणानिधी के खास रहे मारन बंधुओं पर अब कोई राजनीतिक दल मेहरबान नहीं है। इनके सन टीवी पर भी सिक्योरिटी क्लीयरेंस को लेकर गृह मंत्रालय से विवाद चल रहा है, तो मारन बंधुओं को अपनी एयरलाइंस स्पाईस जेट को भी बेचना पड़ा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर के लिए भी आईपीएल अशुभ ही रहा। आईपीएल की टीम कोच्चि टस्कर्स केरल को लेकर शशि थरूर पर पद का दुरुपयोग कर सुनंदा को टीम की स्वामित्व वाली कम्पनी का निदेशक बनाने का आरोप लगा। यह भी आरोप लगाया गया था कि शशि ने सुनंदा को केवल नाम के लिए निदेशक बनाया था। इसी विवाद के चलते शशि थरूर को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। बाद में सुनंदा पुष्कर की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई।

बॉलीवुड अदाकारा प्रीति जिंटा के लिए भी आईपीएल से जुडऩे पर कुछ तो अशुभ जरूर हुआ। खुद को किंग्स इलेवन पंजाब आईपीएल का टीम का लॅक फैक्टर मानने वाली जिंटा का खुद का लक बैड लक हो गया। उन्हें अपने प्यार नेस वॉडिया को खोना पड़ा। नेस वॉडिया और जिंटा का विवाद इतना उछला कि मामला थाने पहुंच गया।

ना केवल बीसीसीआई के पूर्व चैयरमैन एन श्रीनिवासन बल्कि उनके दामाद को भी आईपीएल से जुडऩे की कीमत चुकानी पड़ी। चेन्नई सुपर किंग्स के टीम प्रिंसीपल गुरुनाथ मयप्पन पर सुप्रीम कोर्ट ने उनके क्रिकेट जगत में किसी भी तरह की भागेदारी पर बैन लगा दिया।

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