धोनी व अन्य क्रिकेटर्स के यह सच जानकर हैरान रह जाएंगे आप

क्या आप जानते हैं कि न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज मार्टिल गप्टिल के बाएं पैर में केवल एक अंगूठा और एक उंगली है। जब वे 14 वर्ष के थे तो एक ट्रक उनके पैर के ऊपर से निकल गया था। इस हादसे में उन्होंने अपने पैर की तीन उंगलियां गंवा दी थीं। बाद में अस्पतला में उसने मिलने कीवी लेजेंड स्टीफन फ्लेमिंग पहुंचे थे और उन्हीं की बदौलत गप्टिल को न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम में जगह मिल सकी।

कपिल देव की 1983 विश्व कप में जिम्मबाब्वे के खिलाफ नाबाद 175 रन की पारी तो आपको याद होगी। आपको बता दें कपिल देव के इस शतक से पहले कोई भी भारतीय वनडे में शतक नहीं जमा पाया था। वनडे क्रिकेट में शतक जमाने वाले कपिल देव पहले भारतीय थे।

टीम इंडिया के महेंद्र सिंह धोनी की लिमिटेड ओवर्स की एवरेज जरूर 50 से पार की है, लेकिन उन्होंने आज तक एशिया के बाहर एक भी शतक नहीं जमाया है।

जहां विश्व कप 2015 में हर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर को औसतन 5000 अमरीकी डॉलर एक मैच की फीस के रूप में मिले, वहीं नॉक आउट स्टेज के शुरू होने से पहले हाइएस्ट रन गेटर के रूप में टूर्नामेंट खत्म करने वाले टेलर को केवल 250 अमरीकी डॉलर ही मिले।

अपने फैन्स के बीच गिली के नाम से पहचाने जाने वाले एडम गिलक्रिस्ट ने अपने पूरे क्रिकेट करियर में केवल एक ही गेंद डाली और उस पर विकेट ले लिया। गिलक्रिस्ट ने आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से अपना अंतिम मैच खेलते हुए गेंदबाजी की थी। उन्होंने केवल एक ही गेंद डाली थी और उस पर भी विकेट चटक लिया था।

क्या आप जानते हैं इंग्लैंड के लिए नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने वाले जोनाथन ट्रॉट ने अपने 49 टेस्ट मैच के करियर में एक भी छक्का नहीं जड़ा।

क्रिकेट जगत के तमाम रिकॉर्ड्स के बादशाह सचिन तेंदुलकर के नाम एक और रिकॉर्ड भी है। यह रिकॉर्ड है सबसे ज्यादा 90s का। उनके 22 साल के क्रिकेट करियर में वे सबसे ज्यादा बार नर्वस 90s का शिकार हुए हैं। वे 28 बार 90 रन बना कर अपने शतक से चूके हैं। अगर ऎसा न होता तो आज उनके रिकॉर्ड में 28 और शतक होते।

इंग्लैंड में हुए वर्ष 1999 के विश्व कप में जवगल श्रीनांथ और वेंकटेश प्रसाद के साथ गेंदबाजी करने वाले देबाशीश मोहंते याद हैं। दरअसल विश्व कप के लोगो में गेंदबाजी करता दिखता ग्राफिक उन्हीं का है। वह ग्राफिक उन्हीं की गेंदबाजी के एक्शन से प्रेरित है।

दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज हाशिम अमला मुस्लिम होने के चलते लिकर ब्रांड को एंडोर्स नहीं करते। यहां तक कि दक्षिण अफ्रीका की नेशनल क्रिकेट टीम का स्पॉन्सर कैसल लेगर है। यह एक बीयर ब्रांड है और इसी कारण अमला की टीशर्ट पर यह लोगो नजर नहीं आता। यही नहीं इस लोगो को अपनी टीशर्ट पर न छापने की कीमत भी उन्हें चुकानी पड़ती है। उन्हें कोई मैच फीस नहीं मिलती, केवल मैन ऑफ द मैच या सीरीज आदि अवॉर्ड मनी ही मिलती है।

लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में दोहरा शतक जमाने वाले पहले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर नहीं ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर बेलिंडा क्लार्क हैं। क्लार्क ने यह दोहरा शतक वर्ष 1997 में मुंबई में डेनमार्क के खिलाफ खेले गए अंतर्राष्ट्रीय मैच में जड़ा था। उन्होंने 229 रन बनाए थे। सचिन ने अपना दोहरा शतक दçख्क्षण अफ्रीका के खिलाफ जमाया था।

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