Personal Loan Default: पर्सनल लोन नहीं जमा करने पर होगी जेल! जानिए RBI के नियम

बदलते जमाने में लोग तरह-तरह के लोन लेते हैं. होम लोन से लेकर कार लोन और पर्सनल लोन (personal loan) लोगों की पसंद बने हुए हैं. क्या आपको पता है कि इन दिनों पर्सनल लोन (personal loan) लेना ज्यादा आसान समझते हैं?
vipin kumar

Personal Loan Default: बदलते जमाने में लोग तरह-तरह के लोन लेते हैं. होम लोन से लेकर कार लोन और पर्सनल लोन (personal loan) लोगों की पसंद बने हुए हैं. क्या आपको पता है कि इन दिनों पर्सनल लोन (personal loan) लेना ज्यादा आसान समझते हैं? अपनी जरूरत के हिसाब से लोग आसानी से पर्सनल लोन (personal loan) निकाल लेते हैं. किसी तरह की परेशानी भी नहीं होती है.

एनबीएफसी (nbfc) और मोबाइल ऐप कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये तक के ऐप प्रोवाइड करा देते हैं. अगर आप लोन समय पर नहीं चुका पाए तो फिर क्या आपको दिक्कतों होंगी? कई बार नौकरी छूट जाने या फिर कोई नुकसान होने की स्थिति में लोग ईएमआई नहीं भर पाते हैं. इससे लोगों को दिक्कतें होती हैं. ऐसी स्थिति में बैंक क्या एक्शन लेते हैं?

जानिए बैंक क्या एक्शन ले हैता?

किसी वजह से अगर आप लगातार ईमआई नहीं भरते हैं तो बैंक या एनबीएफसी सबसे पहले कॉल, मैसेज और नोटिस के जरिए आपको जानकारी देता है. इसके कुछ समय बाद आपका लोन अकाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित किया जा सकता है.

फिर असर आपके CIBIL स्कोर पर पड़ता है. फिर आपको नया क्रेडिट कार्ड बनवाना काफी मुश्किल भरा काम हो जाता है. फिर कोर्ट के जरिए वसूलने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. अगर आपने लोन के बदले कोई गारंटी या संपत्ति दी है, तो उस पर भी कार्रवाई हो सकती है.

जानिए किन मामलों में जेल की स्थिति

ऐसी स्थित में जेल का मामला तब बनता है जब सिर्फ ईएमआई नहीं भरने की बात ना हो, बल्कि धोखाधड़ी शामिल हो. इसमें अगर किसी ने फर्जी दस्तावेज लगाकर लोन लिया हो, गलत जानकारी दी हो, बैंक को जानबूझकर धोखा दिया हो, तो बैंक पुलिस शिकायत दर्ज कराने का काम कर सकता है. फिर ऐसी स्थिति में आपराधिक केस भी बन सकता है. इसका सीधा मतलब है कि ‘पैसे न चुका पाना’ और ‘जानबूझकर धोखाधड़ी करना’ दोनों अलग चीजें हैं.

जानिए रिकवरी एजेंट क्या कर सकते और क्या नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, रिकवरी एजेंट आपके साथ कोई जबरदस्ती नहीं कर सकते हैं. इसे धमकाना, गलत शब्दों का प्रयोग करना और देर रात बार-बार परेशान करना है. इसके साथ ही वे सिर्फ नियमों के अनुसार, आपसे संपर्क भी कर सकते हैं.

घर और ऑफिस आ सकते हैं, लेकिन उन्हें मर्यादा में रहना होता है. अगर कोई रिकवरी एजेंट बदसलूकी करता है, धमकाता है या सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने की कोशिश करता है, तो आप बैंक, पुलिस या RBI में शिकायत करने का काम कर सकते हैं. आपको हमारी खबर कैसी लगी, इसकी कमेंट सेक्शन में पहुंचकर राय दे सकते हैं.