…जब उस आदमी ने रिचा चड्ढा को किए अश्लील इशारे

एक्ट्रेसेस की भीड़ में रिचा चड्ढा ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह सिर्फ एक ग्लैमरस हीरोइन ही नहीं हैं, एक अच्छी एक्ट्रेस भी मानी जाती हैं। अपनी संजीदा भूमिकाओं से रिचा चड्ढा ने बॉलीवुड में पैठ जमा ली है। फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर हो या गैंग्स ऑफ वासेपुर-2 या फिर मसान इन तीनों में रिचा ने अपने अभिनय का लोहा मनवाया। इससे पहले उन्होंने फिल्म फुकरे, शॉर्टस, ओए लकी लकी ओए और गोलियों की रासलीला- राम-लीला में भी अपने अभिनय का दमखम दिखाया।

रिचा ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि जब वो 13 साल की थी, तो स्कूल से घर जा रही थी। एक आदमी स्कूटर पर आया और बार-बार उनका रास्ता रोक-रोक कर एड्रेस पूछने लगा। फिर अचानक वे उनके आगे आकर अश्लील इशारे करने लगा। रिचा बताती हैं कि उन्हें समझने में वक्त लगा कि वह क्या कह रहा है, मगर जैसे ही उनकी समझ में आया, उन्होंने दो-तीन पत्थर उठाकर उसे दे मारे और तब वो वहां से भागा। रिचा बताती हैं कि इस घटना के बाद मुझे बहुत गुस्सा और रोना आया, लेकिन बाद में समझ आया कि ये एक पावर गेम है। सबसे दुख की बात यह है कि जो रेप का शिकार होता है, उसका नाम छुपाया जाता है। हीनता का शिकार तो बलात्कारी को होना चाहिए।

रिचा बताती हैं कि जब मुंबई आई, तो काफी लकी साबित हुईं। आते ही मुझे उन्हें सर बेरी जॉन के साथ मशहूर प्ले करने का मौका मिला। यह वही प्ले था, जो कभी शाहरुख खान और रघुवीर यादव किया करते थे। इसी नाटक के बाद उन्हें फिल्म ओए लकी लकी ओए मिली। लेकिन रिचा बताती हैं कि उनके स्ट्रगल की असली शुरुआत उसके बाद ही हुई। रिचा की जिद थी कि वो अच्छा काम ही करेंंगी। वो एक अच्छे घर से ताल्लुक रखती हैं, मगर मुंबई आकर उन्हें फायनेंशियल दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा।

हालांकि, रिचा के घर से पैसे आते थे, लेकिन एक सीमा के बाद उन्हें घर से पैसे मंगाने में भी शर्म आने लगी थी। वो बताती हैं कि एक बार वे पूरा महीना कार्ड स्वाइप करती गई। फिर एक दिन कार्ड स्वाइप ही नहीं हुआ। उन्हें मकान का किराया भरना था। पता चला कि कार्ड में पैसे ही नहीं हैं। तब उन्होंने अपने उन तमाम निठल्ले दोस्तों की एक लिस्ट बनाई, जिन्हें रिचा नेे कभी पैसे दिए थे या जिनके लिए फ्री में काम किया था। बेशर्म होकर उन्होंने उनमें से दो-चार लोगों को फोन करके कहा कि मुझे पैसों की जरूरत है। इस तरह से पैसे इकट्ठे करके मकान किराया चुकाया।

रिचा ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि गैंग्स ऑफ वासेपुर की शूटिंग खत्म होने के बाद उन्हें एक फिल्म का ऑफर मिला। जिसमें उनसे कहा गया कि फिल्म के लिए आपको वजन बढ़ाना होगा और एक अलग तरह की भाषा भी सीखनी पड़ेगी। उन्होंने अपने रोल के लिए जोरशोर से तैयारियां शुरू कर दीं। उस रोल के लिए उन्हें बाल भी बढ़ाने थे। उसी दौरान उनके पास दो-तीन और फिल्मों के ऑफर भी आए, जिन्हें उस रोल के लिए रिचा ने छोड़ दिया। उन फिल्मों में उन्हें अच्छे-खासे पैसे भी मिल रहे थे। फिर पता नहीं क्या हुआ कि 6 महीने की तैयारी के बाद उन लोगों ने बिना किसी रीजन के फिल्म से निकाल दिया।

इस फिल्म से निकाले जाने के बाद रिचा को काफी सदमा लगा। उस दिन वो फूट-फूट कर रोई। वो इनफिरियारिटी कॉम्प्लेक्स का शिकार हो गई। रिचा ने बताया कि उन्हें डर लगने लगा कि शायद वो सुंदर नहीं हैं या उन्हें काम नहीं आता है। उनका कोई गॉडफादर नहीं है या वो किसी के साथ सोई नहीं, तो क्या इन वजहों से उन्हें रातों-रात हटा दिया गया। इन तमाम सवालों ने उन्हेें परेशान करके रख दिया था। पूरे डेढ़ महीने तक वो डिप्रेशन में रहीं। इसके बाद उन्होंने जिन फिल्मों के लिए मना किया था, उसमें से एक फिल्म के लिए मैंने हां कर दी। वो फिल्म थी तमंचे।

ऐसा ही एक और झटका रिचा को फिर मिला। गैंग्स आफ वासेपुर की रिलीज के बाद उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड मिला और उसी दौरान एक फिल्म का ऑफर भी। उस फिल्म के लिए भी उन्हें कड़ा होमवर्क करना था। जिसे उन्होंने किया भी, लेकिन फिर उन्हें पता चला कि उस फिल्म से भी निकाल दिया गया। इस बार उनका आत्मविश्वास डगमगाया नहीं। बाद में रिचा को पता चला कि उन्हें निकालने के बाद वे लोग पछता रहे थे। फिर मसान की शूटिंग के बाद उनका पृथ्वी थिएटर जाना हुआ।

इन दिनों रिचा फिल्म सरबजीत की शूटिंग में लगी हुई हैं। ऐसे में एक लड़का लगातार उनको कई दिन तक फॉलो करता रहा। उसने शूटिंग के दौरान ही फिल्म के किसी सदस्य से उसने रिचा का मोबाइल नंबर भी ले लिया। इस प्रशंसक ने लगातार रिचा को मैसेज किए। इन संदेशों में उसने रिचा का खूब तारीफ की। एक दिन उसने रिचा को मैसेज कर कहा कि उन्हें वो पसंद करता है। इस पर रिचा ने उसको डांट दिया। फिर इस दीवाने ने दूसरा ही तरीका अपना लिया। अब वो अलग-अलग नंबरों से फोन करने लगा। इससे रिचा बुरी तरह परेशान हो गईं। रिचा के डांटने पर उसने कहा कि वो शूटिंग के दौरान उनसे मिलेगा। इस पर रिचा शूटिंग पर जाने से भी घबराने लगीं हैं।

पृथ्वी थिएटर में उन्हें अपने संघर्ष के वो तमाम दिन याद आए और फिर अहसास हुआ कि वो फिल्म मसान को जी पाई। फिलहाल रिचा मुंबई के बाहर शूटिंग कर रही हैं, लेकिन उनके पास लगातार कई फिल्मों के लिए फोन आ रहे हैं। रिचा बताती हैं कि इससे उन्हें एक अलग सी खुशी मिलती है। वे कहती हैं कि इसीलिए मैं सबसे कहती हूं कि सपने देखना जरूरी है। मैंने सपना देखा और उसे हासिल भी किया।

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