बिग डाटा के जरिए किसानों की जिंदगी बदल रहे हैदराबाद के उद्यमी

लगातार सूखा पड़ने और कृषि उत्पादों के उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कर्ज तले दबे किसानों की माली हालत देख एक युवक ने उनकी समस्या का निदान करने की ठानी। इस युवक ने आज दिखा दिया है कि एक मोबाइल एप किस तरह किसानों की जिंदगी में बदलाव ला सकता है।

वी. नवीन कुमार 2016 में तेलंगाना के वारंगल जिला स्थित अपने गांव में एक किसान की खुदकुशी से इतने आहत हुए कि उन्होंने खेती-बाड़ी की कोई खास जानकारी नहीं होने के बावजूद किसानों की समस्या का हल तलाशने की ठान ली। 

उन्होंने तीन महीने तक किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की। नवीन ने कृषि उद्यमियों और अन्य हितधारकों से भी इस संबंध में बात की। 

आज तेलुगू भाषी तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में करीब 1.24 लाख किसान उनके मोबाइल एप ‘नापंटा’ का इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे उनको मौसम की जानकारी से लेकर बाजार से संबंधित सूचनाओं जैसी सेवाएं मुफ्त में मिल रही हैं। 

एमबीए की डिग्री धारण करने वाले नवीन इस बात से संतुष्ट हैं कि उनकी थोड़ी कोशिश से किसानों के जीवन में बदलाव आ रहा है। 

उन्होंने ‘नापंटा’ मोबाइल एप की शुरुआत जून 2017 में की और आश्चर्य की बात है कि हजारों किसानों ने एप डाउनलोड कर लिया। रिलायंस जियो के आने और व्हाट्सएप के उपयोग में तेजी आने से इस मंच से ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ते चले गए।

इस एप के जरिए कृषि से संबंधित सूचनाएं तेलुगू भाषा में दी जाती है जोकि इस भाषा में एकमात्र मंच है। इससे किसानों का सही समय पर जानकारी होने से उनकी कृषि लागत व समय की बचत होती है। 

नापंटा के संस्थापक व प्रबंधन निदेशक वी. नवीन कुमार ने आईएएनएस को बताया, “मुझे विश्वास है कि अगर किसान मेरे मंच का अनुसरण करेंगे तो उनको अपने खर्च में 20 फीसदी की बचत होगी और पैदावार में 10 फीसदी की वृद्धि होगी। हम उन्हें इस 30 फीसदी के अंतर का फायदा दिला सकते हैं।”

उन्होंने बताया कि देश में किसानों की मदद करने के लिए यह कोई एकमात्र एप नहीं है, बल्कि ऐसे अनेक एप काम कर रहे हैं। हालांकि उनका कहना है उनके एप में कृषि कार्य से संबंधित कई चीजें शामिल हैं, जैसे फसल का चयन करने से लेकर किसानों की फसलों के लिए ज्यादा कीमत दिलाने वाला बाजार आदि। सलाह की सेवाओं में मौसम की जानकारी, बाजार-भाव, ई-कॉमर्स समेत व्यापक कृषि इको-सिस्टम की जानकारी इस डिजिटल मंच पर मिलती है। 

एप में फसल की लागत, सुरक्षा, साप्ताहिक कृषि संबंधित सलाह, कृषि फोरम, बाजार-भाव, एग्री-ई-कॉमर्स, फसल बीमा, मौसम, खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी, मृदा परीक्षण सूचना आदि के लिए टूल्स हैं। 

किसान अपनी जरूरत के अनुसार, फसल चक्र के दौरान कृषि उपकरणों की खरीद कर सकते हैं या किराये पर भी उपकरण ले सकते हैं और बगैर किसी बिचौलिए की मदद से ऊंची कीमतों पर अपनी फसल बेच सकते हैं। 

इस एप पर इस समय किसानों को 3,500 बाजारों में करीब 300 कृषि उत्पादों के बाजार भाव की जानकारी दी जाती है। साथ ही इसमें उन्हें तीन साल के भाव की रुख की भी जानकारी मिलती है। 

नापंटा एप इस समय तेलुगू और अंग्रेजी भाषा में जानकारी प्रदान करता है। 

नवीन कुमार पहले आईसीआईसीआई बैंक में क्रेडिट रिलेशनशिप मैनेजर थे और बाद में उन्होंने एचडीएफसी बैंक में क्रेडिट रिस्क मैनेजर के रूप में अपनी सेवा दी। वह अपनालोनबाजार डॉट कॉम के सह-संस्थापक रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत कई राज्यों के लोग इस मंच में दिलचस्पी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जून-जुलाई में उनका यह एप हिंदी और तमिल भाषा में भी उपलब्ध होगा।