बिल गेट्स के सफलता की कहानी से लेकर रोचक किस्से

28 अक्टूबर 1955 में जन्मे बिल गेट्स ने 1968 में पहली बार कम्प्यूटर पर काम किया। तब उनकी उम्र सिर्फ 13 साल थी। इस छोटी सी उम्र से ही वे कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग और सॉफ्टवेयर डेवलप करने लगे थे। तब चूंकि कम्प्यूटर काफी महंगे होते थे, इसलिए उन्होंने स्कूल में ही प्रैक्टिकल क्लासेस के दौरान माइक्रो कम्प्यूटर पर काम करना शुरू कर दिया। प्रोग्रामिंग को लेकर उनकी दीवानगी इस कदर थी कि काम करते समय रात और दिन का पता ही नहीं चलता था।

हाई स्कूल के समय जब कम्प्यूटर टाइमिंग का शुल्क बढ़ता जा रहा था, तब गेट्स और ऐलन ने सी-क्यूब्ड में मौजूद फ्री अकाउंट में से एक तक पहुंचने के तरीका निकाला। उन्हें एडमिन का पासवर्ड मिल गया और इसके जरिए उन्होंने कंपनी की अंदरुनी अकाउंटिंग फाइल हैक कर ली। दोनों ने फाइल को डीक्रिप्ट करने का मन बनाया, लेकिन वे पकड़े गए और कंपनी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।

1973 में उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू की। हालांकि, तीन साल बाद ही पढ़ाई छोड़ दी। दरअसल, उन्हें पढ़ाई से कहीं ज्यादा प्रोग्रामिंग करने में मन लगता था। फिर 1975 में दोस्त पॉल ऐलन के साथ मिलकर खुद की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन की शुरुआत की। बिल गेट्स ने परंपरागत शिक्षा की जगह अपनी ड्रीम को चुना। यही वजह है कि आज वे सॉफ्टवेयर जगत की दिग्गज शख्सियत हैं।

वह चाहते थे कि एक ऐसा सिस्टम बनाया जाए, जो न सिर्फ लोगों को उससे जुड़ने के लिए प्रेरित करे, बल्कि उनकी जिंदगी में अहम भूमिका भी निभाए। गेट्स और ऐलन ने पर्सनल कम्प्यूटर के लिए सॉफ्टवेयर पर काम करना शुरू कर दिया। दोनों ने माइक्रो कम्प्यूटर के लिए BASIC लैंग्वेज तैयार किया।

1980 की बात है। गेट्स और ऐलन को सन फ्रांसिस्को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन उन्हें देरी हो गई। विमान उड़ने को तैयार था। इसी बीच गेट्स कंट्रोल पैनल पहुंचकर बटन दबाने लगे ताकि वह जेट-वे को विमान से बाहर कर सकें। ऐलन ने सोचा कि गेट्स गिरफ्तार कर लिए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। किसी ने विमान वापस बुलवा ली, ताकि दोनों उसमें सवार हो सकें।

गेट्स को पोकर खेलना बहुत पसंद था। हार्वर्ड के समय वे नियमित तौर पर अपने रेजिडेंसी हॉल में पोकर खेलते थे। वहीं, ऐलन यह देखते थे कि गेट्स कितना जीते और कितनी रकम हार गए। इस दौरान पोकर पर गेट्स हजारों डॉलर लुटा चुके थे। हालांकि, इससे उन्हें काफी सीख मिली, जिसका आगे चलकर उन्हें फायदा मिला।

गेट्स को गाड़ी तेज चलाना बहुत पसंद था। यही वजह थी कि ट्रैफिक मामलों में फंसने से बचने के लिए वॉशिंगटन स्टेट में उन्हें सबसे अच्छे ट्रैफिक अटॉर्नी की सेवा लेनी पड़ती थी। हालांकि, एक दिन उन्होंने अपने दोस्त की पोर्श कार का एक्सीडेंट कर दिया, जिससे गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, गाड़ी को ठीक होने में एक साल का लंबा वक्त लगा था।

बिल गेट्स परोपकारी कार्यों में भी काफी आगे हैं। 2000 में उन्होंने ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स’ नाम से संस्था बनाई। जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन से लेकर स्वास्थ्य सेवा बढ़ाना है। वहीं, अमेरिका में शिक्षा के अवसर बढ़ाने के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी तक लोगों की पहुंच बनाना है।

1994 में बिल गेट्स ने दलास में मेलिंडा फ्रेंच से शादी की थी। मेलिंडा से उन्हें तीन बच्चे हैं। जेनिफर, रोरी और फोबीए। लेक वॉशिंगटन के पास उनका घर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस घर की कीमत 125 मिलियन डॉलर यानी लगभग आठ अरब रुपए का है।

एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जॉब्स जब जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रहे थे तब उनके सिराहने पर बिल गेट्स की एक चिट्ठी थी। जॉब्स की पत्नी लॉरेन के मुताबिक स्टीव ने बिल के खत की काफी तारीफ की। जॉब्स ने मुस्कुराते हुए वह चिट्ठी पढ़ी। माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स ने खत में लिखा कि तुमने जो काम किया और तुमने जो कंपनी तैयार की, उसे लेकर तुम्हें गर्व होना चाहिए। गेट्स ने खत में जॉब्स के बच्चों का भी जिक्र किया। बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स की दोस्ती किशोरावस्था में हुई। तब दोनों कंप्यूटर बनाना चाह रहे थे। कंप्यूटर बनाने के शौकीनों की बैठक के जरिए दोनों का परिचय हुआ। इसके बाद स्टीव जॉब्स ने मैकिंटॉस कंप्यूटर बनाना शुरू किया। गेट्स ने इन कंप्यूटरों के लिए सॉफ्टवेयर बनाए, लेकिन धीरे धीरे दोनों के रास्ते अलग हो गए। जॉब्स और गेट्स के बीच कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने की होड़ शुरू हो गई। एप्पल ने गेट्स पर सॉफ्टवेयरों के फीचर चुराने के आरोप लगाए थे।

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