पेट्रोल-डीजल से नहीं बल्कि पानी से चलेगी ये बस, पर्यावरण को भी नहीं पहुंचाएगी नुकसान

पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से ट्रांसपोर्ट बहुत महंगा हो गया है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियां पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाती है। इसी वजह से वाहन कंपनियां ऐसी व्हीकल बनाने पर ध्यान दे रही है जो पूरी तरह ईको फ्रेंडली हो। लेकिन अब जल्द ही मार्केट में एक ऐसी बस आने वाली है जिसको चलाने के लिए पेट्रोल-डीजल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। दरअसल ये एक हाईड्रोजन फ्यूल सेल बस है, जिसका निर्माण टाटा मोटर्स द्वारा किया जा रहा है। इसे बनाने के लिए हाल ही में टाटा मोटर्स ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ एक कोलॉब्रेशन किया है। आपको बता दें भारत की पहली हाइड्रोजन बस की टेस्टिंग शुरू हो चुकी है।

टाटा की यह बस हाइड्रोजन फ्यूल पावर सिस्टम से लैस होगी। इसमें 114 हॉर्स पावर की इलेक्ट्रिक मोटर लगी हुई जो 250 हॉर्स पावर की ताकत प्रोड्यूस करने में सक्षम है। यह 800 rpm पर कुल 1050 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। यह बस 30 पैसेंजर को एक साथ यात्रा करवा सकेगी। ये बस हाइड्रोजन पावर से लैस होने के कारण जीरो एमिशन व्हीकल है। इसकी यही खूबी इसको इंटरसिटी ट्रांसपोर्टेशन के लिए बेस्ट बनाती है।

स्टैंडर्ड बसों का ट्रेडिशनल कंबशन इंजन कैमिकल एनर्जी को पावर में बदलने में 20 प्रतिशत से भी कम एफिशिएंट होता है जबकि स्टारबस फ्यूल सेल की एफिशिएंसी 40-60 प्रतिशत तक होती है, जो कि स्टैंडर्ड से 3 गुना ज्यादा है। इसकी फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी फ्यूल कंसम्पशन को 50 प्रतिशत कम कर देती है।

आपको बता दें टाटा मोटर्स द्वारा तैयार की जाने वाली बस जब मार्केट में आएगी तो यह भारत में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में बहुत ही सहायक साबित होगी क्योंकि इसमें ईंधन के रूप में सिर्फ पानी और हीट का ही उपयोग होगा। एक तरह से हम यह कह सकते हैं कि यह बस भारत में बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण स्तर का कम करने में काफी सहायक होगी।

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