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GST Effect – अगर कम कीमत पर बेच रहे हैं सैकंड हैंड सामान तो नहीं देना होगा जीएसटी

जब से देशभर में जीएसटी लागू हुआ है, तब से ही कई मामलों पर ग्राहकों और विक्रेताओं दोनों में ही असमंजस की स्थिति देखने को मिली है। हालांकि अब सरकार इसे स्मूद बनाने के लिए धीरे धीरे नियमों को स्पष्ट कर रही है। इसी बीच ताजा अपडेट यह है कि सैकंड हैंड सामान खरीदने या बेचने पर जीएसटी नहीं लगेगा। हालांकि इसकी शर्त यह है कि इसे खरीद मूल्स से कम कीमत पर बेचा जाए।

क्या है मार्जिन स्कीम

जीएसटी की मार्जिन स्कीम की वजह से सरकार ने यह स्पष्टीकरण दिया है। मार्जिन स्कीम को लेकर सैकंड हैंड सामान के डीलरों, में काफी असमंजस थी। केंद्रीय जीएसटी कानून के नियम 32(5) के अनुसार कोई सैकंड हैंड सामान खरीदने या बेचने वाला डीलर अगर यूज्ड सामान बेचता है, तो उस पर जीएसटी नहीं लगेगा। हालांकि ऐसा तभी होगा जब जिस दाम पर सामान खरीदा हो उससे कम दाम पर बेचा जा रहा हो, यानी वह सामान नुकसान उठाकर बेच रहा हो।

इसके लिए दोबारा बेचने के समय यह भी दिखाना होगा कि सामान के मूल रूप में ज्यादा बदलाव न किया गया हो। इस सुविधा को मार्जिन स्कीम कहा गया है। जीएसटी एक्सपर्ट प्रीतम महुरे ने बताया कि अगर कोई पुराना सामान घाटे में बेच रहा है, तो उस पर जीएसटी नहीं लगेगा।

मार्जिन स्कीम का लाभ सैकंड हैंड सामान का कोई भी पंजीकृत डीलर ले सकता है। उसे केंद्रीय जीएसअी कानून के नियम 32(5) का पालन करना होगा। दो राज्यों के बीच भी सेकंड हैंड सामान की खरीद फरोख्त के लिए इस स्कीम का लाभ लिया जा सकेगा। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, ऐसा करने से डबल टैक्सेशन से बचा जा सकेगा।